20
Jun
जमाई षष्ठी का त्योहार मूल रूप से सास और दामाद के बीच स्नेह, आदर और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस पारंपरिक भावना को एक नई और मानवीय दिशा देते हुए सिलीगुड़ी के हाकिमपाड़ा इलाके में एक बेहद अनोखे 'सामूहिक जमाई षष्ठी' उत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रही बुजुर्ग माताओं ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दामादों का वरण किया। माताओं के हाथों में वरण की थाली सौंपी गई और उन्होंने बड़े ही लाड-प्यार व आशीर्वाद के साथ मेहमानों का स्वागत व सत्कार किया। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को…
