Assam

असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार देखा गया दुर्लभ येलो-थ्रोटेड मार्टेन

असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार देखा गया दुर्लभ येलो-थ्रोटेड मार्टेन

असम के प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में पहली बार एक दुर्लभ 'येलो-थ्रोटेड मार्टेन' देखा गया है। मुख्य वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस छोटे मांसाहारी शिकारी जीव की मौजूदगी की पुष्टि राष्ट्रीय उद्यान के सेमी-एवरग्रीन जंगली इलाकों में नियमित रूप से की जाने वाली कैमरा ट्रैपिंग के दौरान ली गई तस्वीरों से हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर इस खोज की जानकारी साझा करते हुए इसे असम के बेहतरीन संरक्षण मॉडल की एक बड़ी सफलता बताया है, जो केवल मुख्य परिदृश्यों की रक्षा ही नहीं करता बल्कि एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा…
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असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश

असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश

असम विधानसभा के चल रहे अधिवेशन के तीसरे दिन सोमवार को सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन में पेश कर दिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अनुपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा में बिल काे प्रस्तुत किया। यदि यह बिल पारित होता है, तो उत्तराखंड और गुजरात के बाद, असम देश का तीसरा ऐसा राज्य बन जाएगा जो यूसीसी कानून लागू करेगा। विधानसभा में विधेयक पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी चर्चा देखने को मिली। माना जा रहा है कि चालू सत्र के दौरान इस…
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असम सरकार चाय जनजाति समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है मुख्यमंत्री सरमा

असम सरकार चाय जनजाति समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है मुख्यमंत्री सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चाय जनजाति समुदाय के कल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने इस समुदाय के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कदम…
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असम विधानसभा चुनाव २०२६ संगठनात्मक ताकत और कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे भाजपा

असम विधानसभा चुनाव २०२६ संगठनात्मक ताकत और कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे भाजपा

असम में १२६ सदस्यीय विधानसभा के लिए होने वाले आगामी २०२६ के चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में, पार्टी अपने सुशासन, मजबूत संगठनात्मक ढांचे, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विद्रोही गुटों के साथ हुए शांति समझौतों को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है। केंद्र और राज्य की 'डबल-इंजन' सरकार के विकास कार्यों और शीर्ष नेताओं के लगातार दौरों से पार्टी अपने चुनाव प्रचार को और धार दे रही है। इसके अलावा, विपक्ष के बिखराव का सीधा फायदा भी…
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असम में पिछले एक दशक में १,००,००० से अधिक परिपक्व पेड़ काटे गए विशेषज्ञों ने प्रभाव अध्ययन की आवश्यकता पर दिया जोर

असम में पिछले एक दशक में १,००,००० से अधिक परिपक्व पेड़ काटे गए विशेषज्ञों ने प्रभाव अध्ययन की आवश्यकता पर दिया जोर

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, असम में पिछले १० वर्षों के दौरान विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए १,००,००० से अधिक पूर्ण विकसित पेड़ों को काटा गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस भारी संख्या में हुए वृक्षारोपण के नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि ये परिपक्व पेड़ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नए पौधे लगाना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन वे दशकों पुराने पेड़ों द्वारा प्रदान की जाने वाली कार्बन सोखने की क्षमता और पर्यावरणीय सेवाओं की तुरंत भरपाई नहीं कर…
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