त्योहारों से पहले चलाए गए एक बड़े प्रवर्तन अभियान के तहत, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 105 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इनमें क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकइट (Blinkit) और ज़ेप्टो (Zepto) भी शामिल हैं। इसके अलावा, सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के कारण सात प्रतिष्ठानों को अपना कामकाज पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया गया है। 4 और 5 नवंबर, 2026 को पूरे राज्य में चलाए गए इस दो दिवसीय व्यापक निरीक्षण अभियान का उद्देश्य दिवाली से पहले मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना था। खाद्य सुरक्षा नियामक के आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन 105 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, वे राज्य के विभिन्न प्रशासनिक संभागों से हैं। इनमें नासिक में 39, मुंबई में 28, पुणे में 20, अमरावती में 15, छत्रपति संभाजीनगर में 2 और ठाणे में 1 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा, जिन सात प्रतिष्ठानों को तुरंत अपना कामकाज बंद करने का आदेश दिया गया है, उनमें पुणे में 3, अमरावती में 2, और मुंबई तथा कोंकण क्षेत्र में 1-1 प्रतिष्ठान शामिल हैं। लाइसेंस निलंबन का सामना करने वाली प्रमुख कंपनियों में मुंबई स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और ज़ेप्टो लिमिटेड शामिल हैं। इनके साथ ही कई पारंपरिक मिठाइयों की दुकानें, खाद्य निर्माता, होटल, रेस्तरां और कैटरिंग सेवाएं भी इस कार्रवाई की चपेट में आई हैं। निरीक्षण के दौरान कई तरह के नियमों का उल्लंघन पाया गया, जैसे कि अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थों का निर्माण और भंडारण, गलत तरीके से खाद्य पदार्थों को संभालना और उनकी पैकेजिंग, कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) का अभाव, तापमान नियंत्रित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी, और अनिवार्य रिकॉर्ड तथा स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों का न होना। इस अभियान के दौरान, FDA अधिकारियों ने 70 से अधिक प्रतिष्ठानों से 39,485.42 किलोग्राम खराब या असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की, जिसकी कीमत 1.35 करोड़ रुपये है। जब्त की गई सामग्री में मुख्य रूप से त्योहारों के दौरान अधिक मांग वाली चीजें शामिल थीं, जैसे मावा, खोया, पनीर, घी, खाद्य तेल, पारंपरिक नमकीन (फरसान), सूखे मेवे और तरह-तरह की मिठाइयां। क्षेत्रवार देखा जाए तो, पुणे संभाग में सबसे अधिक मात्रा में खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 49.36 लाख रुपये है और वजन 14,429 किलोग्राम से अधिक है। इसके बाद कोंकण संभाग (32.52 लाख रुपये) और नासिक संभाग (28.35 लाख रुपये) का स्थान रहा। सामान्य खाद्य पदार्थों के अलावा, निगरानी संस्था ने प्रतिबंधित पदार्थों को जब्त किया। तीन अलग-अलग जगहों से ₹7.96 लाख मूल्य का गुटखा और पान मसाला बरामद किया गया। इस कार्रवाई के चलते तीन FIR दर्ज की गईं, दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, ₹4.70 लाख कीमत के दो वाहन जब्त किए गए और दो प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों को अपना कामकाज बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा, उनमें मुंबई का ‘राजधानी बिरयानी सेंटर’ और भिवंडी का ‘आराधना ड्राईफ्रूट स्वीट्स’ शामिल हैं। FDA ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान, इन सभी प्रभावित प्रतिष्ठानों को किसी भी तरह का खाद्य कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर ब्लिंकिट, ज़ेप्टो और 103 अन्य खाद्य विक्रेताओं पर एफडीए का शिकंजा
