बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में अपने समेकित परिचालन राजस्व में सालाना आधार पर 13.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का राजस्व बढ़कर 3,200.4 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,827.5 करोड़ रुपये था।
अन्य आय को छोड़कर कंपनी का समेकित ईबीआईटीडीए 5.2 प्रतिशत बढ़कर 370.7 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ भी 5.2 प्रतिशत बढ़कर 217.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 206.4 करोड़ रुपये था।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का राजस्व 11.9 प्रतिशत बढ़कर 2,750.1 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इस दौरान ईबीआईटीडीए में 4.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 297.5 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, शुद्ध लाभ 7.3 प्रतिशत घटकर 163.3 करोड़ रुपये पर आ गया। इसका प्रमुख कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत और विज्ञापन पर अधिक खर्च का दबाव रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 12.5 प्रतिशत बढ़कर 6,784.1 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान शुद्ध लाभ में 19.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 622.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, स्टैंडअलोन राजस्व 12.3 प्रतिशत बढ़कर 5,976.7 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अभिजीत रॉय ने कहा कि कंपनी को कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा है। मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कंपनी नवंबर से आगे भी कीमतों में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही लागत दक्षता बढ़ाने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों तथा संयुक्त उपक्रमों के बेहतर प्रदर्शन को भी रेखांकित किया।
कंपनी के अनुसार, औद्योगिक कारोबार, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स और अंतरराष्ट्रीय कारोबार ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस दौरान बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी भी स्थिर बनी रही। कंपनी का नया कॉरपोरेट अभियान ‘रंग बना रहे’ भी तिमाही के दौरान ग्राहकों के बीच लोकप्रियता हासिल करने में सफल रहा।
हालांकि, विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे माल की आपूर्ति में बाधाएं निकट भविष्य में कंपनी के लाभ मार्जिन के लिए जोखिम बनी हुई हैं।
