नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित इस्कॉन गुरुकुल से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां संस्थान में ही काम करने वाले एक स्कूल बस ड्राइवर और रेस्टोरेंट में खाना बनाने वाली महिला के दो मासूम बच्चों के साथ यौन शोषण और प्रताड़ना की गंभीर घटना घटी है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित माता-पिता को अपनी धार्मिक सेवा और संस्थान पर अटूट भरोसा था क्योंकि उनके दोनों बच्चे उसी रेजिडेंशियल गुरुकुल में पढ़ते थे और उस समय के प्रिंसिपल सूरज कृष्ण श्रेष्ठ के अपने बच्चे भी वहीं पढ़ते थे, जिसका फायदा उठाकर सीनियर छात्र ईश्वर श्रेष्ठ ने अगस्त 2021 से सितंबर 2022 के बीच उनकी 8 साल की बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस दौरान बच्ची इतनी छोटी थी कि वह समझ नहीं पाई कि उसके साथ क्या हो रहा है, और काफी समय बीतने के बाद साल 2025 के मध्य में उसने एक अन्य स्कूल की महिला टीचर को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिवार को इस अमानवीय कृत्य की जानकारी हुई और वे सदमे में आ गए क्योंकि उनकी बेटी अब 13 साल की हो चुकी है और इस सदमे के कारण वह ठीक से सो भी नहीं पाती थी। परिवार का यह भी आरोप है कि तत्कालीन प्रिंसिपल सूरज कृष्ण श्रेष्ठ उनके 5 साल के छोटे बेटे को बेरहमी से पीटते थे, उसे पिन चुभाते थे और माता-पिता को बताने पर जान से मारने या गंभीर सजा देने की धमकी देते थे, जिससे बच्चे बुरी तरह सहम गए थे। इस गंभीर मामले के प्रकाश में आने के बाद इस्कॉन की ग्लोबल गवर्निंग बॉडी कमीशन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेपाल शाखा के आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, हालांकि नेपाल शाखा की तरफ से इस कार्रवाई का विरोध भी देखने को मिल रहा है। मुख्य आरोपी सीनियर छात्र ईश्वर श्रेष्ठ घटना के बाद से ही फरार चल रहा है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने इंटरपोल के साथ-साथ भारत की सीबीआई (CBI) से भी मदद मांगी है और इस मामले में स्थानीय अदालत की कानूनी कार्रवाई भी लगातार जारी है।
नेपाल के इस्कॉन गुरुकुल में 8 साल की बच्ची से यौन शोषण: 8 कर्मचारी सस्पेंड, भारत की CBI से मांगी गई मदद
