छोटे बच्चों की मोबाइल स्क्रीन की लत बनी साइलेंट हेल्थ क्राइसिस, AIIMS के डॉक्टरों ने जारी की गंभीर चेतावनी

देशभर के टीन-एजर्स के बीच तेजी से पांव पसार रहे मोटापे और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस (PCOS) के मामलों ने एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है, जिसके पीछे बदलती जीवनशैली, जंक फूड की बढ़ती आदत, शारीरिक गतिविधियों में भारी कमी और स्क्रीन पर बीतता लंबा समय युवाओं की सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि अगर समय रहते इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में डायबिटीज, हृदय रोग और कई अन्य हार्मोनल बीमारियां विकराल रूप ले सकती हैं क्योंकि आज के दौर में बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल और टीवी के सामने गुजर रहा है, जिससे उनका फैट और वजन तेजी से बढ़ रहा है। एम्स के जानकारों के अनुसार मोटापा अब महज एक सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं रही बल्कि यह टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और मानसिक तनाव जैसी कई गंभीर बीमारियों की जड़ बनता जा रहा है, जिससे शुरुआती चरण में ही निपटना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, किशोरियों में बढ़ते पीसीओएस के मामले भी चिंताजनक हैं जो एक प्रकार का हार्मोनल विकार है और इसके कारण अनियमित पीरियड्स, वजन का बढ़ना और भविष्य में प्रजनन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिन्हें रोजाना 30 से 60 मिनट की शारीरिक कसरत, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्क्रीन टाइम को सीमित करके काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

By sunny