चलती ट्रेन से अगवा वैशाली के युवक की हत्या, आरा में पटरी पर मिला शव

चलती ट्रेन से उतारा, अगवा किया और फिर मौत के घाट उतार दिया। हैदराबाद से दानापुर आ रही स्पेशल ट्रेन में सवार वैशाली के युवक नीतीन यादव को दिलदारनगर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच बदमाश ट्रेन से उतारकर अपने साथ ले गए। अपहर्ताओं के चंगुल से मौका मिलते ही नीतीन ने मोबाइल से रेल मुख्यालय को फोन कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद बक्सर और दिलदारनगर जीआरपी के साथ आरपीएफ की संयुक्त टीम उसकी तलाश में जुट गई। लेकिन तलाश का अंत मंगलवार को आरा के जगजीवन हाल्ट के पास रेलवे पटरी पर मिले उसके शव के साथ हुआ।
तकनीकी जांच में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बरिसवन गांव निवासी रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसके हत्या में शामिल होने की बात सामने आई है।
वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के चंदवारा निवासी नीतीन, मुकेश यादव
का पुत्र था और हैदराबाद में मजदूरी करता था। घर लौटने के लिए वह 19 सितंबर को हैदराबाद-दानापुर स्पेशल ट्रेन में सवार हुआ था। उसे 21 सितंबर की सुबह दानापुर उतरना था। इसी दौरान दिलदारनगर और डीडीयू के बीच उसे ट्रेन से उतारकर अगवा कर लिया गया। 20 सितंबर की रात नीतीन ने घर पर फोन कर बताया कि उसे पुलिस ने पकड़ लिया है और 10 हजार रुपये मांगे जा
रहे हैं। स्वजन ने सुबह किसी तरह पांच हजार रुपये बताए गए नंबर पर भेजे, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल संपर्क नहीं हुआ। मंगलवार को जगजीवन हाल्ट के पास शव मिलने के बाद अपहरण की घटना हत्या में बदल गई। पुलिस
के अनुसार, पूछताछ के दौरान रोहित ने नीतीन की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने नेउरा स्टेशन के पास चलती ट्रेन से एक व्यक्ति को फेंकने की घटना में भी अपराध स्वीकारने की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, रोहित ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। आरोप है कि वह यात्रियों का सामान छीनने के बाद उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। पटना जंक्शन से आरा, बक्सर, डीडीयू और आगे जबलपुर रेलखंड तक ऐसी घटनाओं में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। सामान बरामद नहीं होने और घटना के बाद आरोपित का सुराग नहीं मिलने के कारण पूर्व की घटनाओं में पुलिस के सामने साक्ष्य जुटाने की चुनौती रही है।

By Paromita