West Bengal

एसआईआर से नाम कटने के डर के बीच प्रवासी मजदूरों की भारी वापसी मतदान को पहचान का प्रमाण मान रहे श्रमिक

एसआईआर से नाम कटने के डर के बीच प्रवासी मजदूरों की भारी वापसी मतदान को पहचान का प्रमाण मान रहे श्रमिक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के पहले चरण के मतदान के लिए अन्य राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों का हुजूम उमड़ पड़ा है। संतरागाछी, शालीमार, हावड़ा और सियालदह जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चेन्नई, केरल और अन्य क्षेत्रों से आने वाली ट्रेनें खचाखच भरी हुई पहुँच रही हैं। इस बार मतदान केवल एक नागरिक कर्तव्य नहीं, बल्कि अपनी भारतीय पहचान साबित करने का जरिया बन गया है। 'विशेष गहन पुनरीक्षण' प्रक्रिया के कारण लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की खबरों ने इन मजदूरों के बीच गहरी असुरक्षा पैदा कर दी है। कई श्रमिकों का…
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पश्चिम बंगाल चुनाव हिंसा रोकने के लिए दोपहिया वाहनों पर कड़े प्रतिबंध रात में आवाजाही और डबल राइडिंग पर रोक

पश्चिम बंगाल चुनाव हिंसा रोकने के लिए दोपहिया वाहनों पर कड़े प्रतिबंध रात में आवाजाही और डबल राइडिंग पर रोक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने राज्य भर में दोपहिया वाहनों पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। मंगलवार से प्रभावी हुए इन आदेशों के तहत, पहले चरण की १५२ विधानसभा सीटों पर बाइक रैलियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए रात ६ बजे से सुबह ६ बजे के बीच सड़कों पर बाइक और स्कूटर चलाने की अनुमति नहीं होगी, हालांकि चिकित्सा आपात स्थिति या पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए इसमें छूट दी गई है। आयोग का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य मतदाताओं…
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ९१ लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए द गार्जियन की रिपोर्ट में भेदभाव के आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ९१ लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए द गार्जियन की रिपोर्ट में भेदभाव के आरोप

'द गार्जियन' की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में किए गए बड़े बदलावों के कारण लगभग ९१ लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग १०% है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया है कि 'विशेष गहन पुनरीक्षण' की इस प्रक्रिया में मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को असंगत रूप से निशाना बनाया गया है। केंद्र सरकार ने इस कदम को मतदाता सूची को "शुद्ध" करने और "घुसपैठियों" को रोकने की कवायद बताया है, लेकिन आलोचकों ने इसे अल्पसंख्यकों…
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आनंदलोक अस्पताल में लगी भीषण आग, मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

आनंदलोक अस्पताल में लगी भीषण आग, मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

शहर के प्रतिष्ठित आनंदलोक अस्पताल में आज अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल की इमारत से काला धुआं निकलते ही मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई।कैसे लगी आग?प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की घटना अस्पताल की एक मंजिल पर हुई। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट आग लगने का मुख्य कारण हो सकता है। धुआं फैलते ही अस्पताल के अलार्म बज उठे और आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू किया गया। राहत और बचाव कार्य:मरीजों की निकासी: अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वार्डों में भर्ती मरीजों को तुरंत सुरक्षित…
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हावड़ा: ४०० रुपये कमाने वाले दिहाड़ी मजदूर ने विधानसभा चुनाव में ठोकी ताल; गांव में बिजली लाने वाले अभिजीत का प्रतीक है ‘कॉलिंग बेल’

हावड़ा: ४०० रुपये कमाने वाले दिहाड़ी मजदूर ने विधानसभा चुनाव में ठोकी ताल; गांव में बिजली लाने वाले अभिजीत का प्रतीक है ‘कॉलिंग बेल’

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के आमता विधानसभा क्षेत्र में इस बार एक ऐसा उम्मीदवार मैदान में है, जिसने अपनी सादगी और संघर्ष से सबका ध्यान खींचा है। आमता के तेगेछिया गांव के रहने वाले अभिजीत हाजरा, जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं और प्रतिदिन मात्र ४०० रुपये कमाते हैं, इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।२००३ में गांव में लाए थे रोशनीअभिजीत हाजरा इस इलाके के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। साल २००३ में उनके अटूट संघर्ष और कोशिशों की बदौलत ही तेगेछिया गांव में पहली बार बिजली का कनेक्शन आया था। गांव…
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