09
Jul
जैसे ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भारत के समुद्र तट पर भारी बारिश, ज़्यादा नमी और नमक वाली हवाओं के साथ पहुँचता है, इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट तटीय इलाकों में पब्लिक एसेट्स को डिज़ाइन और सुरक्षित रखने के तरीके पर फिर से सोचने की बात कह रहे हैं।इंटरनेशनल ज़िंक एसोसिएशन (इंडिया) के डायरेक्टर डॉ. राहुल शर्मा के मुताबिक, भारत का तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर अंदरूनी इलाकों की तुलना में कहीं ज़्यादा गंभीर पर्यावरण दबाव में है और इसका ज़्यादातर हिस्सा अभी भी ज़्यादा एक जैसे तरीके से मेंटेन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हर मॉनसून हमें याद दिलाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को न सिर्फ़ उस…
