ट्रैवलपोर्ट, कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक ने AI के इस दौर में ट्रैवल टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने के लिए साझेदारी की

कॉग्निजेंट (NASDAQ: CTSH) और ट्रैवलपोर्ट साथ मिलकर AI के जरिए सुनियोजित तरीके से बदलाव लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत ट्रैवलपोर्ट अपने ट्रैवल रिटेलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म पर सॉफ्टवेयर बनाने, परीक्षण करने और रखरखाव की प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए एंथ्रोपिक के क्लॉड का इस्तेमाल करेगा। AI से जुड़ी नई तकनीक को दुनिया भर की एयरलाइंस, होटल मालिकों, ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों तक तेज़ी से पहुँचाने के साथ-साथ ट्रैवलपोर्ट के प्लेटफॉर्म में ही AI फीचर्स को जोड़ने के उद्देश्य से यह साझेदारी की गई है।  पिछली सदी में ही तैयार किए गए ये बुकिंग सिस्टम अब मौजूदा ज़रूरतों के हिसाब से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं: जिसकी वजह से एजेंसियों की लागत बढ़ गई है क्योंकि वहां काम करने वाले एजेंटों को आज भी बेहद मुश्किल और पेचीदा यात्रा कार्यक्रमों की योजना खुद से बनानी पड़ रही है। इसके अलावा, आजकल यात्री AI टूल्स का इस्तेमाल करके जिस तरह सर्च करते हैं, और मौजूदा प्लेटफॉर्म्स उस सर्च को समझकर जिस तरह उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं, उसके बीच एक बड़ा अंतर आ गया है। यह साझेदारी एक इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके इन बुनियादी चुनौतियों को दूर करेगी, जिसका उद्देश्य यात्रा के इरादे को एआई की मदद से पक्की बुकिंग में बदलना है।

ट्रैवलपोर्ट का ये प्लेटफॉर्म ट्रैवल एजेंसियों और ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों (TMC) के ज़्यादातर दिमागी कामों को अपने आप कर लेगा, जिन्हें एजेंट अब तक खुद से करते आए हैं। इनमें, जरूरत के हिसाब से सही विकल्पों को तेज़ी से दिखाना, बुकिंग में बदलाव और दोबारा बुकिंग की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाना, और यात्रा के दौरान सामने आने वाली रुकावटों की पहले से जानकारी देना शामिल है। उदाहरण के लिए, अगर कोई एजेंट अपने बिज़नेस के लिए जाने वाले किसी यात्री के सफ़र को संभाल रहा है, तो वह ऐसे रास्तों का सुझाव दे सकता है जिनमें रुकावट आने का खतरा आंकड़ों के हिसाब से कम हो। ट्रैवलपोर्ट के ग्राहकों का अनुमान है कि अगर किसी बड़ी TMC में हर एजेंट का रोज़ाना सिर्फ़ एक घंटा भी बचे, तो इससे सालाना प्रोडक्टिविटी में लाखों डॉलर का फ़ायदा होता है। 
ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के लिए यह चुनौती उनके सिस्टम की बनावट से जुड़ी है, क्योंकि मौजूदा दौर के यात्री अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए बड़ी तेजी से AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ लेन-देन करने वाले ये सिस्टम उनकी पसंद को पूरी तरह समझ नहीं पाते। ट्रैवलपोर्ट का MCP-आधारित सिस्टम यात्रियों की बातचीत वाले अनुरोधों को वास्तविक समय में उपलब्धता के साथ सीधे पक्की बुकिंग में बदल देगा, जिससे सिस्टम की इस कमी को एक बड़े मुनाफे वाले मौके में बदलना संभव होगा।

By Business Bureau