पूर्व चेयरमैन के बयान पर समीक्षा पूरी, HDFC बैंक ने गवर्नेंस मानकों का किया बचाव

HDFC बैंक के अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन केकी मिस्त्री ने बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों का मजबूती से बचाव किया है। पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के पद से हटने के बाद बैंक की कार्यप्रणाली और गवर्नेंस को लेकर उठे सवालों के बीच मिस्त्री ने शेयरधारकों को भरोसा दिलाया कि बैंक पारदर्शिता, जवाबदेही और मजबूत निगरानी के उच्च मानकों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

HDFC बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में मिस्त्री ने कहा कि बैंक मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस सिद्धांतों और मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे विषय की, जिस पर समीक्षा या ध्यान देने की आवश्यकता होगी, स्थापित प्रक्रियाओं के तहत गंभीरता से जांच की जाएगी और सभी फैसले शेयरधारकों तथा अन्य हितधारकों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिए जाएंगे।

मिस्त्री ने बताया कि 18 मार्च 2026 को अतानु चक्रवर्ती के अंशकालिक चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के बाद बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी से तुरंत अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन की नियुक्ति की थी।

बैंक ने 26 जून को बताया था कि चक्रवर्ती द्वारा बैंक की कुछ प्रक्रियाओं और गतिविधियों को लेकर दिए गए बयान की बाहरी कानूनी फर्मों से स्वतंत्र और विस्तृत समीक्षा कराई गई। समीक्षा में उनके बयानों और उनसे जुड़े निष्कर्षों की पुष्टि नहीं हुई। मिस्त्री ने दोहराया कि HDFC बैंक अपने मजबूत प्रशासनिक ढांचे, जिम्मेदार संचालन और दीर्घकालिक विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

By nanika