08
Sep
पाकिस्तान का आंतरिक सुरक्षा संकट लगातार गहराता जा रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि विद्रोही हिंसा के खिलाफ पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों की लड़ाई अब पहले से कहीं ज्यादा खूनी होती जा रही है। खास तौर पर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह में सुरक्षा बलों को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) से जुड़े संघर्षों में सुरक्षा बलों की मौतें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े मामलों की तुलना में अधिक रही हैं। 2024 में BLA से जुड़ी घटनाओं में 151 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे, जबकि TTP से जुड़े मामलों…
