05
Feb
भारत में पर्सनल लोन को लेकर सोच अब बदल रही है। पहले इन्हें सिर्फ़ मुश्किल या इमरजेंसी के समय से जोड़ा जाता था, लेकिन आज एक नया और ज्यादा समझदार उधारकर्ता वर्ग सामने आ रहा है। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों में दिख रहा है जिनकी आय स्थिर है, नियमित सैलरी आती है और जो वर्षों से अनुशासन के साथ बचत और निवेश करते आ रहे हैं। कोविड के बाद जो सबसे बड़ा बदलाव आया, वह उनकी निवेश करने की क्षमता में नहीं, बल्कि “निवेश” की उनकी परिभाषा में था। कई लोगों को यह एहसास हुआ कि वे अपने…
