एक तरफ पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज है, तो दूसरी तरफ आम जनता बुनियादी पहचान पत्र ‘आधार’ को लेकर भारी परेशानियों का सामना कर रही है। जलपाईगुड़ी शहर के मुख्य डाकघर (Head Post Office) के पास शनिवार सुबह एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जहां आधार टोकन पाने के लिए लोग तड़के अंधेरे से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। हल्दिवारी और मानिकगंज से पहुंचे लोग आधार में सुधार और नए कार्ड के लिए मची इस आपाधापी में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि हल्दिवारी, सातकुरा और मानिकगंज जैसे सुदूर इलाकों से आए ग्रामीण भी शामिल हैं। लोगों का आरोप है कि आज टोकन बांटे जाने थे, इसी उम्मीद में वे रात के सन्नाटे में ही घर से निकल पड़े और सुबह होने तक लाइन कई मीटर लंबी हो गई।
राशन से लेकर स्कूल तक की समस्या लाइन में खड़े लोगों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि आधार कार्ड में गड़बड़ी के कारण उनके कई काम रुके हुए हैं। किसी को राशन मिलने में दिक्कत आ रही है, तो किसी को बच्चों के स्कूल में आधार अपडेट करवाकर जमा करना है। कई लोग ऐसे भी थे जो केवल अपने पते या नाम में सुधार करवाने के लिए घंटों से खड़े थे। प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल घंटों लाइन में खड़े परेशान लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्रवार डाकघरों या स्थानीय बैंकों में आधार सुधार की पुख्ता व्यवस्था होती, तो उन्हें जलपाईगुड़ी शहर आकर इस तरह की ‘अमानवीय’ स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों ने शिकायत की कि गैस और राशन की लाइनों के बाद अब आधार की लाइन ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल, इतनी भारी भीड़ को देखते हुए डाकघर परिसर में सुरक्षा और प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। चुनावी मौसम में इस तरह की अव्यवस्था प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़ी कर रही है।
