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May
डॉ. पंकज कुमार, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स, मणिपाल हॉस्पिटल्स, सिलीगुड़ी द्वारा घुटनों का दर्द अब केवल बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या नहीं रह गई है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती उम्र की आबादी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के कारण नी रिप्लेसमेंट प्रक्रियाओं में तेज़ वृद्धि देखी जा रही है। केवल भारत में ही हर वर्ष लगभग १.५ लाख टोटल नी रिप्लेसमेंट किए जाते हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। अध्ययनों के अनुसार, भारत में ४० वर्ष से अधिक आयु की लगभग २२% से ३९% आबादी ऑस्टियोआर्थराइटिस से प्रभावित है, जो विकलांगता और गतिशीलता में कमी के प्रमुख कारणों में…
