पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की महिलाओं और आम नागरिकों के हित में कई बड़े कल्याणकारी और नियामक कदमों की घोषणा की है। कोलकाता और कल्याणी से २६ मई २०२६ को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने नदिया जिले के कल्याणी में नादिया, हुगली और उत्तर २४ परगना जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार २७ मई से अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म जारी करना शुरू कर देगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सहायता प्रदान करने के लिए प्रति माह ३,००० रुपये की वित्तीय राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। राज्य सचिवालय से इन फॉर्मों का वितरण शुरू किया जाएगा और इसके सुचारू क्रियान्वयन व सत्यापन के लिए जिला प्रशासनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
महिलाओं के लिए इस बड़ी वित्तीय योजना के साथ ही मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आबकारी नियमों में कड़े बदलावों का एलान किया है। नई नीति के तहत अब राज्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थान जैसे स्कूलों, कॉलेजों और धार्मिक स्थलों यानी मंदिरों के १ किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने आम जनता को पोषण सुरक्षा देने के लिए राज्यभर में लगभग ४०० समर्पित कैंटीन शुरू करने की घोषणा की है, जहाँ सप्ताह में दो बार मात्र ५ रुपये की रियायती दर पर ‘माछ-भात’ यानी मछली और चावल का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य में स्वास्थ्य विभाग से अलग कर एक नए स्वतंत्र ‘आयुष’ विभाग का गठन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में अब शासक के शासन की जगह कानून का शासन स्थापित किया जा रहा है और इन प्रशासनिक बैठकों का मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित विधायकों और प्रशासनिक मशीनरी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
