सिलीगुड़ी के देशबंधुपाड़ा स्थित ‘श्री श्री नरोत्तम गौड़ीय मठ’ में हुई चोरी की बड़ी वारदात को सुलझाने में सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की सिलीगुड़ी थाना पुलिस ने त्वरित कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए चोरी की गई 22 गोपाल मूर्तियां और भारी मात्रा में पूजा सामग्री बरामद कर ली है। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
21 मई की रात को हुई थी चोरी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गत 21 मई की देर रात करीब 2 बजे कुछ अज्ञात बदमाशों ने मठ में घुसकर चोरी की इस घटना को अंजाम दिया था। चोरों ने मठ से कई गोपाल मूर्तियां, पीतल के बड़े घंटे और पूजा के अन्य बर्तन पार कर दिए थे। इस संबंध में मठ के स्वामी भक्ति निलय जनार्दन गोस्वामी महाराज ने दो दिन पहले सिलीगुड़ी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर सिलीगुड़ी थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
छापेमारी में मुख्य आरोपी समेत 3 धरे गए
मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने शुक्रवार रात को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दक्षिण शांतिनगर इलाके के निवासी प्रसेनजीत सरकार को गिरफ्तार किया। पुलिसिया पूछताछ में प्रसेनजीत ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि चोरी का सारा सामान उसने सिलीगुड़ी ईस्टर्न बाईपास के पास ढाकेश्वरी काली मंदिर इलाके के रहने वाले दिलीप सरकार और पियल सरकार के पास छुपा कर रखा है। इसके बाद सिलीगुड़ी थाने की एंटी-क्राइम विंग के अधिकारियों ने आसीघर आउटपोस्ट (चौकी) की पुलिस के सहयोग से दिलीप सरकार के घर पर संयुक्त छापेमारी की। इस छापेमारी में पुलिस ने दिलीप के घर से चोरी की गईं सभी 22 गोपाल मूर्तियां और अन्य पीतल की सामग्री बरामद कर ली। हालांकि, बरामद की गई कुछ मूर्तियां और सामान टूटी हुई अवस्था में मिले हैं। इसके तुरंत बाद पुलिस ने चोरी का माल रखने के आरोप में दिलीप सरकार और पियल सरकार को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी
मठ में चोरी और माल बरामदगी के इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों (प्रसेनजीत सरकार, दिलीप सरकार और पियल सरकार) को आज (शनिवार) सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया जाएगा। सिलीगुड़ी थाना पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इस चोरी के पीछे कोई बड़ा अंतर्राज्यीय गिरोह तो नहीं है या इसमें कुछ और लोग भी शामिल हैं। दूसरी ओर, पुलिस कानूनी प्रक्रिया और अदालती नियमों का पालन करते हुए बरामद की गई सभी मूर्तियों और पूजा सामग्री को जल्द से जल्द मठ अधिकारियों को सौंपने की तैयारी कर रही है।
