पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी सप्ताह ‘बकरीद’ (ईद-उल-अजहा) के त्योहार के अवसर पर राज्य में आधिकारिक छुट्टी की घोषणा कर दी है। नवान्न (राज्य सचिवालय) द्वारा शनिवार को जारी एक विशेष अधिसूचना के अनुसार, आगामी 28 मई, गुरुवार को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और बैंकों में अवकाश रहेगा। इससे पहले सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई थी कि राज्य सरकार 26 और 27 मई को दो दिनों की छुट्टी दे रही है। लेकिन नवान्न ने स्पष्ट किया है कि केवल 28 मई को ही बकरीद की आधिकारिक छुट्टी रहेगी।
कैलेंडर में था 27 मई का उल्लेख, चांद दिखने के बाद बदला फैसला
दरअसल, राज्य सरकार के वार्षिक अवकाश कैलेंडर में पहले 27 मई को बकरीद की छुट्टी के रूप में चिह्नित किया गया था। लेकिन नाखोदा मस्जिद और धार्मिक संगठनों की ओर से स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष ईद-उल-अजहा का त्योहार 28 मई, गुरुवार को मनाया जाएगा। चूंकि यह त्योहार पूरी तरह से चांद दिखने (क्रिसेंट मून) पर निर्भर करता है, इसलिए त्योहार की तारीख बदलने के कारण नवान्न ने छुट्टी को भी संशोधित कर 28 तारीख करने का फैसला किया है।
क्या है बकरीद और इसका महत्व?
इस्लामिक (हिजरी) कैलेंडर के 12वें और अंतिम महीने ‘धु-अल-हिज्जा’ के 10वें दिन ईद-उल-अजहा या बकरीद मनाई जाती है। इसे ‘कुर्बानी का त्योहार’ भी कहा जाता है। सऊदी अरब और खाड़ी देश: खाड़ी देशों में बकरीद की छुट्टियां 25 मई से 29 मई तक रहेंगी, जिसके बाद वहां 1 जून से कामकाज सामान्य होगा।
कुर्बानी की परंपरा: इस दिन विशेष नमाज (प्रार्थना) के बाद बकरे या अन्य पशु की कुर्बानी दी जाती है। इस मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है— पहला हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है, दूसरा हिस्सा सगे-संबंधियों व दोस्तों में बांटा जाता है, और तीसरा हिस्सा अनिवार्य रूप से गरीबों और जरूरतमंदों में वितरित किया जाता है। नवान्न की इस अधिसूचना के बाद अब छुट्टियों को लेकर बना असमंजस पूरी तरह से समाप्त हो गया है।
