पश्चिम बंगाल में मानसून का मौसम शुरू हो गया है। इस दौरान आमतौर पर डेंगू, मलेरिया, बुखार और दूसरी संक्रामक बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में भारत की प्रमुख स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों में से एक स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NSE: STARHEALTH; BSE: 543412) पूरे राज्य में मानसून के दौरान हेल्थकेयर से जुड़ी अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ा रही है। स्टार हेल्थ के वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में बुखार और संक्रामक बीमारियों के लिए होम हेल्थकेयर सेवाओं के इस्तेमाल में आठ गुना से ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ-साथ कंपनी ने देश भर में अपनी हाल ही में शुरू की गई वर्चुअल ओपीडी सर्विस की जबरदस्त मांग देखी है और ज्यादा से ज्यादा ग्राहक मेडिकल सलाह के लिए इसे अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।
इस पहल का मकसद पॉलिसीहोल्डर्स को ‘टॉक टू स्टार’ (Talk to Star) और होम हेल्थकेयर सपोर्ट से जोड़कर शुरुआती मदद पहुंचाना है। साथ ही, आम लोग ‘स्टार हेल्थ कस्टमर ऐप’ के जरिए 24/7 मुफ़्त वर्चुअल ओपीडी कंसल्टेशन का फायदा उठा सकते हैं। पॉलिसीहोल्डर्स के लिए, 7200 222 333 पर ‘टॉक टू स्टार’ सर्विस मुख्य संपर्क जरिया बनी हुई है। होम हेल्थकेयर के लिए 1 दबाएं और पहले से तय अस्पताल में भर्ती होने (प्लान्ड हॉस्पिटलाइज़ेशन) के लिए 2 दबाएं।
इस पहल पर स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के बिजनेस हेड, श्री अतीन रॉय ने कहा:
“मानसून के मौसम में बुखार, डेंगू, मलेरिया और इन्फेक्शन के मामलों में अक्सर बढ़ोतरी देखी जाती है, लेकिन परिवार अक्सर लक्षणों के बिगड़ने (यानी बीमारियों के बढ़ने) का इंतजार करते हैं। इस मौसम में हमारी कोशिश है कि पहला कदम उठाना आसान बनाया जाए। पॉलिसीहोल्डर होम हेल्थकेयर या प्लान्ड हॉस्पिटलाइजेशन सपोर्ट के लिए ‘टॉक टू स्टार’ (Talk to Star) को 7200 222 333 पर कॉल कर सकते हैं, जबकि आम जनता स्टार हेल्थ ऐप का इस्तेमाल करके 24/7 मुफ़्त वर्चुअल ओपीडी कंसल्टेशन बुक कर सकती है। इस मौसम में समय पर सलाह बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।”
कम लागत और बारिश के मौसम में भी देखभाल की सुविधा: घर पर स्वास्थ्य सेवा का महत्व
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा 2026 में जारी घरेलू स्वास्थ्य खर्च पर 80वें दौर के सर्वेक्षण के आंकड़ों से परिवारों पर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के वित्तीय बोझ का पता चलता है। ग्रामीण पश्चिम बंगाल में निजी अस्पतालों में भर्ती होने की औसत लागत 57,964 रुपये है और शहरी पश्चिम बंगाल में यह लागत बढ़कर 82,348 रुपये है। स्वास्थ्य देखभाल के सभी खर्चे अधिक बने हुए हैं, जिसके चलते अधिकांश व्यक्तियों और परिवारों को ये खर्चे अपनी जेब से उठाने पड़ते हैं।
(source:https://www.mospi.gov.in/uploads/publications_reports/publications_reports1776676412084_2b4f2b5c-2f1c-446b-8fa3-ec8f125b2b66_Final_Report_no_596_Health_(2).pdf)
स्टार हेल्थ का मानसून सपोर्ट प्रोटोकॉल दो साफ रास्ते बनाकर इस कमी को पूरा करता है: पॉलिसीहोल्डर्स के लिए ‘टॉक टू स्टार’ (Star से बात करें) और आम जनता के लिए स्टार हेल्थ कस्टमर ऐप के ज़रिए मुफ़्त वर्चुअल ओपीडी। ये सेवाएं परिवारों को लक्षण बिगड़ने या अस्पताल जाने की नौबत आने से पहले ही मेडिकल सलाह लेने का एक आसान और तेज जरिया देती हैं।
यह पहल मानसून के मौसम के लिए समय पर की जाने वाली तीन सेवा-संबंधी पहलों को एक साथ लाती है:
-पॉलिसीहोल्डर्स के लिए अनलिमिटेड टेली-कंसल्टेशन: पॉलिसीहोल्डर्स पॉलिसी की अवधि के दौरान अनलिमिटेड टेली-कंसल्टेशन की सुविधा ले सकते हैं, जिससे बुखार या इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों पर समय रहते मेडिकल सलाह मिल सके।
-पॉलिसीहोल्डर्स के लिए ‘टॉक टू स्टार’ (Talk to Star): पॉलिसीहोल्डर्स गाइडेड सपोर्ट के लिए 7200 222 333 पर कॉल कर सकते हैं। होम हेल्थकेयर के लिए 1 और प्लान्ड हॉस्पिटलाइजेशन के लिए 2 दबाएं। यह सर्विस कस्टमर्स को केयर पाथवे, कैशलेस प्रोसेस, नेटवर्क हॉस्पिटल के ऑप्शन और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के बारे में समझने में मदद करती है।
-कैशलेस होम हेल्थकेयर: ऐसे योग्य पॉलिसीहोल्डर्स जिनकी बीमारी का इलाज मेडिकल देखरेख में घर पर किया जा सकता है, उनके लिए स्टार हेल्थ डॉक्टर द्वारा बताए गए होम ट्रीटमेंट का खर्च उठाती है। इसमें प्रोफेशनल नर्सिंग केयर, रूटीन ब्लड टेस्ट और मॉनिटरिंग, IV फ़्लूड और इंजेक्शन जैसी सुविधाएँ शामिल हो सकती हैं जो मरीज़ के घर पर दी जाती हैं।
