सिलीगुड़ी नगर निगम के गेट पर फहराया भगवा झंडा: मतगणना के बीच भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सरकारी इमारतों का ‘रंग’ बदलने की चेतावनी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम नतीजे आने से पहले ही सिलीगुड़ी में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। सोमवार को मतगणना के बीच भारी आत्मविश्वास से भरे भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) परिसर में जमकर हंगामा और जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के मुख्य द्वार पर पार्टी का झंडा लगा दिया और इसे अपनी भविष्य की जीत का संकेत बताया।

नगर निगम परिसर में भारी जमावड़ा और नारेबाजी

रुझानों में भाजपा की बढ़त देखते हुए सैकड़ों की संख्या में भाजपा समर्थक नगर निगम कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए।

अबीर और गुलाल: कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को भगवा गुलाल से सराबोर कर दिया और पूरा इलाका ‘जय श्री राम’ के नारों से गूँज उठा।

सांकेतिक कब्जा: नगर निगम के गेट पर भाजपा का झंडा बांधकर कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अब शहर की सत्ता का केंद्र बदलने वाला है।

“नीला-सफेद रंग जल्द ही बदला जाएगा”: कार्यकर्ताओं की चेतावनी

मीडिया से बात करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, बल्कि नगर निगम पर भी कब्जे की हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं ने कड़े लहजे में कहा:

“आज से सिलीगुड़ी नगर निगम पर हमारे कब्जे की शुरुआत हो गई है। शहर की जितनी भी सरकारी इमारतें और संपत्तियां अभी ‘नीले-सफेद’ रंग में रंगी हैं, उनका रंग बहुत जल्द बदल दिया जाएगा।”

बढ़ता राजनीतिक तनाव

मतगणना पूरी होने से पहले ही इस तरह के अग्रिम जश्न और सरकारी इमारतों का रंग बदलने की धमकी ने शहर में तनाव बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे भाजपा की “गुंडागर्दी” करार दिया है। टीएमसी का कहना है कि चुनाव के नतीजे अभी घोषित नहीं हुए हैं और इस तरह सरकारी संपत्ति पर पार्टी का झंडा लगाना असंवैधानिक है।

प्रशासनिक सतर्कता

स्थिति को देखते हुए नगर निगम परिसर के बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। सिलीगुड़ी के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस गश्त तेज कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसक झड़प को रोका जा सके। फिलहाल, सिलीगुड़ी में भाजपा समर्थकों का उत्साह चरम पर है और वे आधिकारिक घोषणा से पहले ही जीत का जश्न मना रहे हैं।

By Sonakshi Sarkar