पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के रुझानों के बीच राज्य के मुख्य प्रशासनिक केंद्र ‘नबन्न’ (Nabanna) की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। राज्य सचिवालय के आसपास सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है और राजनीतिक समीकरण स्पष्ट हो रहे हैं, प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर नबन्न की सुरक्षा में निम्नलिखित बदलाव किए हैं: अतिरिक्त पुलिस बल: कोलकाता और हावड़ा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल को सचिवालय के सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात किया गया है।
बैरिकेडिंग: नबन्न की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर नई बैरिकेडिंग लगाई गई है। वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
रैपिड एक्शन फोर्स (RAF): किसी भी संभावित प्रदर्शन या हंगामे से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों को ‘स्टैंड-बाय’ मोड पर रखा गया है।
क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद संभावित राजनीतिक हलचल और विजय जुलूसों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। नबन्न राज्य की सत्ता का केंद्र है, इसलिए नतीजों के बाद यहाँ नेताओं और समर्थकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
धारा 144 और निगरानी
सचिवालय के आसपास के कुछ संवेदनशील इलाकों में धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू की गई हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी की जा रही है।
वर्तमान स्थिति: फिलहाल नबन्न के बाहर स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। मतगणना केंद्र से आने वाले रुझानों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा लगातार की जा रही है।
