उत्तर कोलकाता के सबसे महत्वपूर्ण डीसीआरसी (DCRC) केंद्र और स्ट्रंग रूम, नेताजी इंडोर स्टेडियम में मतदान के बाद सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई है। पूरे स्टेडियम परिसर को सशस्त्र केंद्रीय बलों की निगरानी में एक ‘लोहे के पिंजरे’ की तरह सुरक्षित कर दिया गया है।
अफवाहों पर विराम: स्ट्रंग रूम पूरी तरह सुरक्षित
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही थी कि बारिश के कारण नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रंग रूम में पानी भर गया है। चुनाव आयोग और प्रशासन ने आज इस खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और निराधार बताया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रंग रूम के भीतर पानी घुसने जैसी कोई घटना नहीं हुई है और सभी ईवीएम (EVM) मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन ने आम जनता से ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है:
केंद्रीय बल का पहरा: स्ट्रंग रूम के सबसे भीतरी और संवेदनशील घेरे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात हैं, जो 24 घंटे शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। सीसीटीवी की पैनी नजर: पूरे स्टेडियम और स्ट्रंग रूम के चप्पे-चप्पे पर सैकड़ों हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पल-पल की गतिविधि पर अधिकारियों की सीधी नजर है। त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा: राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के समन्वय से तीन परतों वाली सुरक्षा दीवार तैयार की गई है। बिना विशेष अनुमति के किसी को भी केंद्र के पास जाने की इजाजत नहीं है। डिजिटल मॉनिटरिंग: पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्ट्रंग रूम के बाहर बड़े मॉनिटर लगाए गए हैं, जहाँ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी:
चुनाव आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति फर्जी खबरें फैलाकर शांति भंग करने या भ्रम पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सबकी किस्मत इन स्ट्रंग रूम में निडर सुरक्षा के बीच बंद है।
