MBBS EWS Quota: परिवार की आय कितनी होनी चाहिए? समझें पूरी पात्रता

देशभर में MBBS और BDS जैसे मेडिकल कोर्स में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए NEET परीक्षा सबसे अहम पड़ाव होती है. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन इसी परीक्षा के आधार पर मिलता है. ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत मिलने वाला 10 फीसदी आरक्षण कई अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. हालांकि, इस आरक्षण का लाभ पाने के लिए परिवार की आय सीमा क्या होनी चाहिए, इसे लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद जारी है.

इसी मामले में मंगलवार, 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली नजर में EWS श्रेणी के लिए 8 लाख रुपये सालाना आय सीमा उचित प्रतीत होती है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतिम फैसला नहीं है और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी.

दरअसल, वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने NEET के ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू किया था. इसी नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. शुरुआती सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 8 लाख रुपये की आय सीमा पर सवाल उठाए थे और इसे मनमाना बताया था. इसके बाद सरकार ने इस मुद्दे की समीक्षा के लिए पांडे समिति का गठन किया.

पांडे समिति ने अपनी रिपोर्ट में 8 लाख रुपये की सालाना आय सीमा को उचित माना. साथ ही सिफारिश की कि जिन परिवारों के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है, उन्हें EWS आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए.

फिलहाल, जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अंतिम फैसला नहीं सुनाता, तब तक मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे. यानी NEET के ऑल इंडिया कोटा में EWS श्रेणी के तहत 10 फीसदी आरक्षण उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं. यदि परिवार निर्धारित मानकों में से किसी भी अयोग्यता की श्रेणी में आता है, तो EWS आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा.

By sunny