विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर सिलीगुड़ी की पारंपरिक टॉय ट्रेन को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया। रेलवे कर्मियों की पहल पर रेलवे के उपकरणों, इंजनों और अन्य यंत्रों की पूरी विधि-विधान से पूजा की गई। सुबह से ही इस पूजा को लेकर रेल कर्मियों में भारी उत्साह और उमंग देखने को मिली।
दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की परंपरा से गहराई से जुड़ी यह टॉय ट्रेन, यूनेस्को के विश्व धरोहर (वर्ल्ड हेरिटेज) का दर्जा प्राप्त उत्तर बंगाल का एक प्रमुख गौरव है। विश्वकर्मा पूजा के दिन इस ऐतिहासिक रेल व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने निष्ठा के साथ पूजा कर रेल सेवाओं की सुरक्षा और उनके निर्बाध संचालन की कामना की।
पूजा के अवसर पर टॉय ट्रेन के इंजन और विभिन्न रेलवे उपकरणों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। उल्लेखनीय है कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन हमेशा से ही एक मुख्य आकर्षण रही है। आगामी पूजा के मौसम में भी पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा को सुखद बनाने के लिए डीएचआर (DHR) की ओर से विशेष टॉय ट्रेन सेवा शुरू करने की पहल की गई है।
