भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा

वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष और अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने के कारण वैश्विक व्यापार में रुकावटों के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 863 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने कहा, “यह साल बहुत मुश्किल रहा है – अमेरिका के टैरिफ से लेकर पश्चिम एशिया के संकट तक – लेकिन इसके बावजूद हमने साबित कर दिया है कि निर्यात इकोसिस्टम के मामले में भारत बहुत मजबूत है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 863 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।” भादू अहमदाबाद में ‘आउटरीच प्रोग्राम: गुजरात के SEZ की 12 साल की उपलब्धियां और प्रगति तथा भविष्य का विजन’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत का कुल निर्यात लगभग 441 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर लगभग दोगुना होकर 863 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जिसमें इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण तथा रसायन जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात इस विकास में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा है और राज्य का निर्यात में योगदान लगभग 110 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। भादू ने कहा कि आने वाले वर्षों में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “गुजरात और पूरे भारत में नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में, सरकार ने धोलेरा में टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जाने वाले एक SEZ को अधिसूचित किया है।”

By Arbind Manjhi