इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने महज 25 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया है। अपनी रफ्तार भरी गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले टर्नर लंबे समय से पीठ के स्ट्रेस फ्रैक्चर से परेशान थे। लगातार चोटों और फिटनेस से जुड़ी दिक्कतों के चलते उन्होंने क्रिकेट करियर को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।
जॉन टर्नर ने अपने छोटे मगर शानदार करियर में हैम्पशायर और इंग्लैंड टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का उभरता हुआ तेज गेंदबाज माना जा रहा था, लेकिन चोटों ने उनके सफर को समय से पहले रोक दिया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर केवल चार मुकाबलों तक ही सीमित रह गया।
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे टर्नर ने प्रतिष्ठित हिल्टन कॉलेज से पढ़ाई की। उनकी मां इंग्लैंड की रहने वाली थीं, जिसके चलते उनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट था। आगे की पढ़ाई के लिए वह ब्रिटेन पहुंचे और यहीं से उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई। 2021 में हैम्पशायर के साथ सफल ट्रायल के बाद उन्हें टीम में जगह मिली।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद टर्नर ने अपनी अलग पहचान बनाई। 2023 के वाइटैलिटी ब्लास्ट में उन्होंने 11 मैचों में 21 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी तेज गति और विकेट लेने की क्षमता से प्रभावित होकर उन्हें द हंड्रेड में भी खेलने का मौका मिला। इसके बाद 2023 में उन्हें इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम में शामिल किया गया।
हालांकि, सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टर्नर काउंटी चैम्पियनशिप में नियमित स्थान नहीं बना सके। उन्होंने अपने करियर में केवल 7 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेले। 2025 की शुरुआत में वह लोन पर लैनकाशायर से जुड़े और तीन मैचों में हिस्सा लिया, लेकिन इसके बाद पीठ की चोट ने फिर परेशान किया।
जून 2025 में जॉन टर्नर ने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेला था। इसके बाद वह लंबे समय तक चोट से उबरने की कोशिश करते रहे, लेकिन वापसी संभव नहीं हो सकी। आखिरकार उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया।
टर्नर ने अक्टूबर-नवंबर 2024 में वेस्टइंडीज दौरे के दौरान इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्होंने 2 वनडे मैचों में 2 विकेट और 2 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 1 विकेट हासिल किया। चोटों के कारण उनका अंतरराष्ट्रीय सफर उम्मीद के मुताबिक लंबा नहीं हो पाया।
