पश्चिम बंगाल में विकास के आंकड़ों ने खोली पोल राष्ट्रीय औसत से पीछे है राज्य का प्रदर्शन

द हिंदू’ की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के विकास संकेतकों में राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी गिरावट देखी गई है। वर्ष २०२३ के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य का मानव विकास सूचकांक ०.७१९ रहा, जो भारत के राष्ट्रीय औसत ०.७३२ से कम है। आर्थिक मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक है, जहाँ प्रति व्यक्ति शुद्ध घरेलू उत्पाद ₹१.६३ लाख दर्ज किया गया है, जबकि राष्ट्रीय औसत ₹२.०५ लाख है। इस प्रदर्शन के कारण पश्चिम बंगाल आर्थिक विकास के मामले में प्रमुख राज्यों की सूची में १६वें स्थान पर खिसक गया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ प्राथमिक स्तर पर नामांकन दर १००% है, वहीं माध्यमिक स्तर पर १८% छात्र स्कूल छोड़ रहे हैं, और लगभग १३% पुरुषों ने कभी औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर १७ राष्ट्रीय औसत २5 से बेहतर है, लेकिन बच्चों में कुपोषण की दर ३४% होना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में औसत दैनिक मजदूरी ₹३४७ है, जो ₹३९८ के राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।

By rohan