06
Nov
सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में एक फार्मासिस्ट द्वारा मरीज के परिवार से “हिंदी सीखकर आइए, हिंदी ऑफिशियल लैंग्वेज है, मैं बंगाली नहीं बोलूंगी” कहने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर मरीज के परिजनों और स्थानीय संगठन बांग्ला पक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। मरीज के परिवार का आरोप है कि वे डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं के बारे में समझना चाह रहे थे, लेकिन फार्मासिस्ट ने केवल हिंदी में बात की। जब परिवार ने उनसे बंगाली में बोलने का अनुरोध किया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि हिंदी ही सरकारी भाषा है।परिजनों…
