भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड ने आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कंपनी के लखनऊ प्लांट से 10 लाखवें कमर्शियल वाहन को रोल-आउट किया गया। यह महत्वपूर्ण पड़ाव उत्तर प्रदेश में टाटा मोटर्स की साढ़े तीन दशकों से अधिक की उपस्थिति और औद्योगिक उत्कृष्टता, आर्थिक विकास, कौशल विकास व रोजगार सृजन में इसके योगदान को दर्शाता है।
ऐसे समय में जब भारत का कमर्शियल वाहन उद्योग साफ-सुथरी, स्मार्ट और ज्यादा कुशल तकनीक की ओर बढ़ रहा है, यह उपलब्धि भविष्य की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को आकार देने में टाटा मोटर्स की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है। यह 10 लाखवां वाहन एक जीरो-एमिशन (शून्य उत्सर्जन) इलेक्ट्रिक बस है, जो उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा मोटर्स की ‘ग्रीन मोबिलिटी’ के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है। यह कदम राज्य सरकार के 2070 के ‘नेट-जीरो’ विजन और कंपनी के 2045 तक ‘नेट-जीरो’ लक्ष्य के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
इस इलेक्ट्रिक बस को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस लिमिटेड के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर माननीय उप-मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, टाटा मोटर्स लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ श्री गिरीश वाघ के साथ कई माननीय मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और टाटा मोटर्स के वरिष्ठ नेतृत्व मौजूद रहे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट से 10 लाखवें ट्रक और बस का तैयार होकर निकलना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि हमारे राज्य की क्षमताओं, यहाँ की अपार संभावनाओं और यहाँ के प्रतिभाशाली लोगों की पहचान है। हमारा सपना उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसमें उद्योगों और उद्यमियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। हमारा राज्य बड़े बिजनेस के लिए एक बेहतरीन माहौल देता है, जहाँ बड़ा उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा और शानदार कनेक्टिविटी मौजूद है। उत्तर प्रदेश में टाटा मोटर्स की यह सफलता हमारे इकोसिस्टम की मजबूती को दिखाती है। यह जिम्मेदारी से की जा रही औद्योगिक तरक्की को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक विकास के सतत् विकास के प्रति हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।”
