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Oct
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हबीबपुर ब्लॉक के मध्यमकेंदुआ गांव में एक 75 वर्षीय मुस्लिम महिला शेफाली बेवा पिछले चार दशकों से मसान काली मां की पूजा कर रही हैं, जो अब "शेफाली बेवा की काली पूजा" के नाम से इलाके में प्रसिद्ध हो चुकी है। बुजुर्ग होने के कारण अब वह पूजा की पूरी तैयारी अकेले नहीं कर पातीं, लेकिन गांव के हिंदू-पड़ोसी मिलकर इस पूजा को पूरे धूमधाम से आयोजित करते हैं। यह पूजा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन गई है, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता की अद्वितीय मिसाल भी पेश करती है। ग्रामीणों का मानना है…
