12
Jan
बंगाल के पारंपरिक त्योहार 'पौष संक्रांति' (मकर संक्रांति ) में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इस अवसर पर बनने वाले प्रसिद्ध 'पीठे-पुली' (पारंपरिक मिठाइयां) के लिए सबसे महत्वपूर्ण बर्तन 'मिट्टी के सरा' की बिक्री अब जोर पकड़ने लगी है। आधुनिकता के दौर में भी बंगाल की इस विरासत को ग्रामीण क्षेत्रों ने जीवित रखा है।गांवों की गलियों में सजीं गाड़ियांग्रामीण बंगाल के रास्तों पर इन दिनों मिट्टी के छोटे-बड़े 'सरा' (मिट्टी की छिछली थाली या ढक्कन) से लदी वैन गाड़ियां और ठेले आम देखे जा रहे हैं। पीठे बनाने के लिए मिट्टी के इन बर्तनों का विशेष महत्व होता…
