26
Feb
कोलकाता में भोजन हमेशा से परंपरा और स्वाद का उत्सव रहा है। रविवार की दोपहर परिवार के साथ 'मंगशो-भात' का आनंद, दफ्तर के लिए सलीके से पैक किया गया टिफिन, और शाम को 'पारा' के अड्डों पर मिलने वाले रोल्स और कटलेट—ये शहर की असली पहचान हैं। चिकन हमेशा से इन पकवानों का अहम हिस्सा रहा है, चाहे वो घर पर धीमी आंच पर पका 'कोशा' हो या रास्ते में चलते-फिरते लिया गया कोई स्नैक। हालांकि, अब शहर की सोच में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। परिवारों और खासकर युवाओं के बीच अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि प्रोटीन…
