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अमेरिका ने भारत के साथ 428 मिलियन डॉलर के रक्षा सहायता समझौतों को मंज़ूरी दी

अमेरिका ने भारत के साथ 428 मिलियन डॉलर के रक्षा सहायता समझौतों को मंज़ूरी दी

पेंटागन की ओर से जारी नोटिफ़िकेशन के अनुसार, अमेरिका ने भारत के लिए कुल $428.2 मिलियन के दो प्रस्तावित डिफेंस सपोर्ट पैकेज को मंज़ूरी दी है। इनमें M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्ज़र के लिए लंबे समय तक रखरखाव और AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के लिए आगे की सपोर्ट सर्विस शामिल हैं। डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) द्वारा जारी और पिछले हफ़्ते फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित ये नोटिफ़िकेशन हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस को सौंपे गए थे। प्रस्तावित बिक्री में नए बड़े डिफेंस इक्विपमेंट के बजाय सपोर्ट सर्विस और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। दोनों पैकेज में से बड़े पैकेज की कीमत $230 मिलियन है…
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भारतीय नौसेना के 40 पनडुब्बी कर्मियों ने पानी के अंदर योग किया

भारतीय नौसेना के 40 पनडुब्बी कर्मियों ने पानी के अंदर योग किया

भारतीय नौसेना ने शारीरिक फ़िटनेस और मानसिक सहनशक्ति का एक शानदार और बिल्कुल अलग तरह का प्रदर्शन करते हुए, पानी के अंदर योग करके 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाया। नौसेना के मुख्य पनडुब्बी प्रशिक्षण केंद्र, INS सतवाहन के 40 पनडुब्बी कर्मियों ने पानी के अंदर एक अनोखे और तालमेल वाले योग सत्र में हिस्सा लिया। पानी के अंदर की इस ड्रिल के वीडियो क्लिप ऑनलाइन शेयर किए जाने के बाद, इस असाधारण कारनामे ने सोशल मीडिया पर बहुत ध्यान खींचा। पूरी तरह से पानी में डूबे हुए माहौल में काम करते हुए, हिस्सा लेने वाले नौसेना कर्मियों ने कई…
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सिलीगुड़ी में अनोखी ‘सामूहिक जमाई षष्ठी’; वृद्धाश्रम की माताओं ने किया दामादों का वरण, छलकी भावनाएं

सिलीगुड़ी में अनोखी ‘सामूहिक जमाई षष्ठी’; वृद्धाश्रम की माताओं ने किया दामादों का वरण, छलकी भावनाएं

जमाई षष्ठी का त्योहार मूल रूप से सास और दामाद के बीच स्नेह, आदर और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस पारंपरिक भावना को एक नई और मानवीय दिशा देते हुए सिलीगुड़ी के हाकिमपाड़ा इलाके में एक बेहद अनोखे 'सामूहिक जमाई षष्ठी' उत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रही बुजुर्ग माताओं ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दामादों का वरण किया। माताओं के हाथों में वरण की थाली सौंपी गई और उन्होंने बड़े ही लाड-प्यार व आशीर्वाद के साथ मेहमानों का स्वागत व सत्कार किया। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को…
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दामाद की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मंदिरों में उमड़ी सासों की भीड़; जमाई षष्ठी की पूजा से गुंजायमान हुआ इलाका

दामाद की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मंदिरों में उमड़ी सासों की भीड़; जमाई षष्ठी की पूजा से गुंजायमान हुआ इलाका

आज बंगालियों का सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक पारिवारिक त्योहार 'जमाई षष्ठी' है। इस विशेष दिन को केंद्र कर सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। हाथ में पूजा की थाली और टोकरी (ডালা) लिए बड़ी संख्या में सासें मंदिरों में पहुंचीं और मां षष्ठी व अन्य देवी-देवताओं के चरणों में अपने दामाद (जमाई) के उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति के लिए विशेष प्रार्थना की।पारंपरिक लोक मान्यताओं के अनुसार, मां षष्ठी देवी के आशीर्वाद से संतान की रक्षा होने के साथ-साथ परिवार में सुख, समृद्धि और मंगल बना रहता है। इसी प्राचीन और…
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सुबह होते ही विभिन्न विद्यालयों में ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ की शुरुआत, शांतिपुर के विधायक भी पहुंचे अपने पुराने कार्यस्थल

सुबह होते ही विभिन्न विद्यालयों में ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ की शुरुआत, शांतिपुर के विधायक भी पहुंचे अपने पुराने कार्यस्थल

सुबह होते ही राज्य के विभिन्न स्कूलों में 'पश्चिम बंगाल दिवस' (पश्चिम बंगा दिवस) मनाने की शुरुआत हो गई। इस विशेष अवसर पर शांतिपुर के स्थानीय विधायक भी अपने पूर्व कार्यस्थल (विद्यालय) पहुंचे और इस ऐतिहासिक दिन के आयोजन में शामिल हुए।गौरतलब है कि साल 1947 में देश के विभाजन के समय अविभाजित बंगाल को पूरी तरह से पाकिस्तान में शामिल करने की मांग उठी थी। उस संकटपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ पर श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल के हिंदू-बहुल क्षेत्रों को भारत का हिस्सा बनाए रखने की मांग को लेकर बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका निभाई थी। उन्हीं के…
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