पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर राज्य के जंगलों को पूरी तरह बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया है। पर्यावरण विशेषज्ञों और वन वैज्ञानिकों ने भी उनके इस दावे का समर्थन करते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान राज्य में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई (डिफॉरेस्टेशन) हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में अवैध कटाई, राजनीतिक संरक्षण और अनियोजित विकास परियोजनाओं के कारण सुंदरबन से लेकर उत्तर बंगाल के पहाड़ी और मैदानी जंगलों तक हरित आवरण में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वनों के इस विनाश के कारण राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई हैं, क्योंकि हाथी और बाघ जैसे जंगली जानवर अब भोजन और आवास की तलाश में ग्रामीण इलाकों का रुख कर रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने मांग की है कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के वन विभागों के कामकाज और कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। दूसरी ओर, सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है और दावा किया है कि राज्य सरकार ने वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
