‘प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (एनएससी) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टर के लिए ‘स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ (एसआईपी) को मंज़ूरी दे दी है जिसे आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) ने अपने एकेडमिक पार्टनर ‘न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (नेमटेक) के साथ मिलकर प्रस्तुत किया गया था। यह मंज़ूरी पीएम-सेतु के तहत स्वीकृत होने वाली पहली ‘स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ है, और इसके साथ ही आंध्र प्रदेश इस योजना के तहत किसी उद्योग के साथ साझेदारी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
यह मंज़ूरी, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के कौशल भवन में आयोजित तीसरी नेशनल स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में दी गई। यह उपलब्धि, पीएम-सेतु के उस विज़न को लागू करने की दिशा में पहला ठोस कदम है, जिसके तहत राज्य सरकारों और उद्योग के प्रमुख दिग्गजों के बीच गहरी साझेदारी के माध्यम से सरकारी आईटीआई को उद्योग-प्रबंधित और परिणाम-उन्मुख संस्थानों में बदला जाएगा।
इस बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देवश्री मुखर्जी ने की, और इसमें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल श्री दिलीप कुमार के साथ-साथ नेशनल स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों ने भी भाग लिया। चर्चा में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (सीबीसी), नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, श्रम और रोजगार मंत्रालय, भाग लेने वाली राज्य सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, आईटीसी लिमिटेड और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील (एएम/एमएस) इंडिया जैसे उद्योग जगत के लीडर, नेमटेक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) तथा वर्ल्ड बैंक जैसे विकास भागीदारों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टर के लिए रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी देना था, जिसे आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इस मंजूरी के साथ, आंध्र प्रदेश पीएम-सेतु के तहत एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) को शामिल करने वाला पहला राज्य बन गया है, जो इस योजना के तहत परिकल्पित उद्योग के नेतृत्व वाले हब-एंड-स्पोक मॉडल के संचालन में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
