वायु सेना राहत में उतरी; सारण और मुजफ्फरपुर में आज भी टूटे तटबंध

गंडक और गंगा नदी में रिकॉर्ड जलप्रवाह और तटबंधों व रिंग बांध के टूटने से उत्तर बिहार में बाढ़ के हालात भयावह हैं। खास तौर पर पश्चिम और पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के तटवर्ती क्षेत्रों के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए वायु सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सारण जिले के पानापुर में गोरखपुर से आए वायु सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री बांटी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले 48 घंटे तक बिहार के लिए अहम बताते हुए विशेष निगरानी का निर्देश दिया है। सारण जिले के पानापुर प्रखंड के सरौजा-भगवानपुर के समीप बांध और मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज के माधोपुर हजारी पंचायत में गंडक का तटबंध गुरुवार को ध्वस्त हो गया। उत्तर बिहार के चार जिलों- पूर्वी एवं पश्चिम चंपारण, सारण और गोपालगंज में पिछले चार दिनों में 14 अलग-अलग जगहों पर तटबंध और रिंग बांध टूटने से आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं। गुरुवार को सारण के पानापुर प्रखंड के सरौजा-भगवानपुर में पानी के दबाव से गंडक का बांध टूट गया, जिससे करीब 6 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। पानापुर, मकेर व तरैया, अमनौर , परसा और दरियापुर प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। तरैया के राजधानी गांव में भी 30 फीट में रिंग बांध टूट गया है। बाढ़ के कारण भोजन, पेयजल और आवास की समस्या के साथ पशुओं के चारे का भी संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक का जलस्तर इस बार 2021 की बाढ़ से करीब ढाई फीट अधिक है। मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी पंचायत के छरकी गांव के पास गंडक नदी पर बना रिंग बांध करीब 70 मीटर में टूट गया। इससे पंचायत के तीन वार्डों के तीन सौ घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी बाढ़ की स्थिति को गंभीर मानते हुए कहा कि गंडक सहित अन्य नदियों के तटबंधों पर दवाब की स्थिति बनी हुई है। कई जगहों पर गंडक का पानी अब तक के सबसे अधिक ऊंचे स्तर तक पहुंचा है। इस कारण तटबंधों पर दबाव है। गंडक की बाढ़ से कई इलाकों में आवागमन ठप है। छपरा-मुजफ्फरपुर के बीच बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इससे मुजफ्फरपुर से छपरा का सीधा मार्ग प्रभावित हो गया है। छपरा-सत्तरघाट पर भी पानी चढ़ जाने से दो दिनों से आवागमन ठप है। हाजीपुर-अरेराज स्टेट हाईवे पर दो फीट पानी बह रहा है।
उधर, गंडक की बाढ़ से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना के गांधी घाट में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। परसा-मकेर पथ और गोपालगंज-रामजानकी पथ पर भी आवागमन बंद हो गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के जेपी गंगा पथ पहुंचकर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी 48 घंटे पूरी तरह से सतर्क रहना पड़ेगा। अभी चिंता का विषय बना हुआ है।सभी जगह डीएम और अन्य अधिकारी काम कर रहे हैं। गंगा और गंडक नदी में भी उच्चतम स्तर तक पानी पहुंच गया है।

सीएम ने कहा कि इससे पहले इतना पानी गंगा और गंडक में नहीं आया था। सोन नदी में भी उच्च स्तर पर पानी आया हुआ है। बिहार में बारिश 32 प्रतिशत कम हुई है, तब यह स्थिति बनी है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए वायुसेना से भी मदद मांगी गई है। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निगरानी तेज करने और आमजन की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

By Paromita