121 फाइनेंस ने GeM सहाय के तहत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण किया, एमएसएमई के लिए डिजिटल क्रेडिट तक पहुंच को और मजबूत किया

121 फाइनेंस, एक प्रमुख एनबीएफसी-फैक्टर, ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM से जुड़ी क्रेडिट सुविधा GeM सहाय के जरिए कुल 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण पूरा कर लिया है। कंपनी ने 27 राज्यों के 173 शहरों में 400 से ज्यादा एमएसएमई को 2,600 से अधिक ऋण दिए हैं, जिससे छोटे आपूर्तिकर्ताओं को सरकारी खरीद आदेशों के आधार पर कार्यशील पूंजी मिल सकी है।

ओपन क्रेडिट इनेबलमेंट नेटवर्क यानी ओसीईएन पर आधारित GeM सहाय पात्र एमएसएमई को सरकारी खरीद आदेशों से जुड़े लेनदेन डेटा के आधार पर बिना गारंटी, बहुत कम समय में अल्पकालिक वित्त उपलब्ध कराता है। 121 फाइनेंस GeM सहाय पर शुरू से जुड़ने वाला पहला ऋणदाता था और आज भी इस प्लेटफॉर्म पर सबसे बड़ा ऋणदाता है।

कंपनी ने उन छोटी-छोटी ऋण जरूरतों पर ध्यान दिया है, जिन्हें पारंपरिक ऋणदाता अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसकी कलेक्शन-आधारित ऋण प्रणाली में भुगतान सरकारी आदेशों से बनने वाले नकदी प्रवाह से जुड़ा होता है, जिससे ऋण की जांच तेज़ और अधिक प्रभावी हो जाती है और जोखिम भी कम होता है। कंपनी ने बड़े पैमाने पर छोटे लेनदेन को संभालने के लिए अपना तकनीकी ढांचा भी खुद विकसित किया है। GeM सहाय के जरिए 121 फाइनेंस ने यह दिखाया है कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचे की मदद से 127 रुपये तक के छोटे ऋणों का भी मूल्यांकन और वितरण संभव है, और सबसे छोटी कारोबारी वित्त जरूरत भी पूरी की जा सकती है। 

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए 121 फाइनेंस के संस्थापक और प्रबंध निदेशक डॉ. रवि मोदानी ने कहा, “भारत के एमएसएमई तंत्र को ऐसे ऋण उत्पादों की जरूरत है जो कारोबार के नकदी प्रवाह के साथ मेल खाते हों, न कि पारंपरिक संपत्ति-आधारित ऋण व्यवस्था पर टिके हों। GeM सहाय दिखाता है कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचा और ओसीईएन मिलकर किस तरह औपचारिक ऋण को सबसे छोटे उद्यमों तक भी पहुंचा सकते हैं। हमारा ध्यान देश भर के एमएसएमई के लिए आसान, लेनदेन-आधारित कार्यशील पूंजी वित्त उपलब्ध कराने पर बना हुआ है। टेक्नोलॉजी-सक्षम फैक्टरिंग और नकदी प्रवाह-आधारित ऋण देने में हमारी विशेषज्ञता ने हमें ऐसे विस्तार-योग्य वित्तीय समाधान विकसित करने में सक्षम बनाया है, जो एमएसएमई के कारोबारी चक्रों के अनुरूप हैं और जहां सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां औपचारिक ऋण तक पहुंच उपलब्ध कराते हैं।”

By Business Bureau