गया जी के नगर बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) के पद पर कार्यरत रहे 52 वर्षीय राकेश कुमार की मौत शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थिति में हो गई। वह देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के चलिया गांव निवासी थे। वे वर्तमान में देवघर की बिलासी प्रोफेसर कॉलोनी में मकान बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा है। तबादले के बाद नई पोस्टिंग पर योगदान देने के लिए राकेश कुमार मुजफ्फरपुर जा रहे थे। इसी साल फरवरी में प्रमुख की शिकायत पर उन्हें 50 हजार घूस लेते ट्रैप किया गया था। इस मामले में राकेश कुमार बेल पर थे। राकेश कुमार शुक्रवार को घर से मुजफ्फरपुर में अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने के लिए निकले थे। बताया गया कि कुछ दिनों पहले उनका तबादला बिहार के मुजफ्फरपुर हो गया था। वह ज्वाइनिंग के लिए घर से निकले थे। उसी दौरान भुरभुरा के पास तबीयत अचानक बिगड़ गई। मुजफ्फरपुर योगदान देने जा रहे थे
हालत गंभीर होने पर उन्हें एंबुलेंस सेवा 108 से रात करीब 9 बजे सदर अस्पताल पहुंचाया गया। उनके नाक और मुंह से झाग निकल रहा था। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी जूली प्रसाद नगर थाना क्षेत्र के आरएल सर्राफ स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति गया नगर बीडीओ के पद पर कार्यरत थे। कुछ दिन पहले उनका तबादला मुजफ्फरपुर हुआ था। वह वहां योगदान देने के लिए जाने की बात कहकर घर से निकले थे। रास्ते में भुरभुरा के समीप उनकी संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई।
गया जी नगर के पूर्व बीडीओ की संदिग्ध मौत, फरवरी में 50 हजार घूस लेते हुए थे ट्रैप
