पहाड़ की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए बनेगी कमेटी, मध्यस्थ होंगे पंकज कुमार सिंह

दार्जिलिंग पहाड़ की लंबे समय से चली आ रही विभिन्न मांगों और समस्याओं के समाधान की दिशा में सिलीगुड़ी के न्यू चामटा स्थित एक रिसॉर्ट में एक मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित पहाड़ के कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक नेता मौजूद रहे। लंबी चर्चा के बाद पहाड़ के मुद्दों को हल करने के लिए एक विशेष कमेटी (समिति) गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।कमेटी का गठन और पंकज कुमार सिंह को मध्यस्थता की कमानबैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने बताया कि पहाड़ की समस्याओं को व्यवस्थित ढंग से सुलझाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।

इस कमेटी में मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में पंकज कुमार सिंह जिम्मेदारी निभाएंगे, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा पहले ही नियुक्त किया जा चुका है। इस समिति में पहाड़ के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जो क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और मांगों पर विस्तार से काम करेंगे।भावी रणनीति का बना रोडमैपजानकारी के अनुसार, बैठक में पहाड़ से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के आधार पर एक विस्तृत खाका (Graph/Roadmap) तैयार किया गया है। आगामी बैठकों में इस खाके की समीक्षा की जाएगी और उसी के अनुसार आगे के कदम तय किए जाएंगे।गॉर्खांलैंड के मुद्दे पर चुप्पीदूसरी ओर, जब राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन शिंगला से अलग ‘गॉर्खांलैंड’ की मांग को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस मुद्दे से दूरी बना ली और कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बैठक में मौजूद अन्य नेताओं की तरफ से भी गॉर्खांलैंड के विषय पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।संवैधानिक दायरे में समाधान की उम्मीदगॉर्खा जनमुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता रोशन गिरि ने बताया कि पहाड़ की चिंताओं को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से ही यह कमेटी बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी समस्याओं का हल पूरी तरह से संवैधानिक दायरे में रहकर ही खोजा जाएगा।इस नई समिति के गठन के बाद अब पूरे राजनीतिक गलियारे की नजरें आगामी बैठकों और केंद्र के रुख पर टिकी हैं कि आखिर इस पहल से पहाड़ की स्थायी समस्याओं का कितना समाधान हो पाता है।

By Sonakshi Sarkar