पेप्सिको इंडिया का हेल्दी पोर्टफोलियो पर जोर: जीरो-शुगर ड्रिंक्स और मिलेट्स आधारित स्नैक्स का किया विस्तार

उपभोक्ताओं की बदलती
प्राथमिकताओं और सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता को ध्यान में रखते हुए पेप्सिको इंडिया ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव शुरू किया है। कंपनी कम चीनी वाले पेय पदार्थों, साबुत अनाज और मोटे अनाजों (मिलेट्स) पर आधारित स्नैक्स तथा नए फूड फॉर्मैट्स के विस्तार में तेजी ला रही है।

वर्तमान में कंपनी के पेय पोर्टफोलियो का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जीरो-शुगर या कम कैलोरी वाले विकल्पों से जुड़ा है, जिसे आगे चलकर 90 से 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस श्रेणी में पेप्सी ब्लैक, 7अप जीरो शुगर, गेटोरेड जीरो और निम्बूज जैसे विकल्प शामिल हैं। वहीं खाद्य उत्पादों में कंपनी ने प्रोटीन, फाइबर और साबुत अनाज के पोषण को रेखांकित करते हुए ‘क्वेकर’ को नए रूप में प्रस्तुत किया है, साथ ही 40 प्रतिशत कम फैट वाले रेड रॉक डेली बेक्ड चिप्स और कुरकुरे ज्वार पफ्स जैसे विकल्प बाजार में उतारे हैं।

पेप्सिको इंडिया के अनुसार, उसके प्रमुख स्नैक ब्रांड्स जैसे लेज, कुरकुरे, डोरिटोस, चीटोस, अंकल चिप्स, क्वेकर और रेड रॉक डेली में ‘कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं’ की नीति अपनाई जा रही है। इसके साथ ही ग्राहकों को जागरूक निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए पैकेजिंग पर पोषण से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।

पेप्सिको इंडिया और दक्षिण एशिया की मुख्य कॉर्पोरेट मामले अधिकारी और सस्टेनेबिलिटी प्रमुख याशिका सिंह ने बताया कि कंपनी अपनी नवाचार रणनीति के केंद्र में स्वाद और आनंद को बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं के सामने स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बढ़ा रही है।
कोलकाता के बाजार में पोषण-युक्त उत्पादों की ओर बढ़ता यह रुझान खाद्य और पेय उद्योग के लिए नए अवसर प्रस्तुत करता है, जहां पारंपरिक स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थों के स्वस्थ विकल्प तलाशे जा रहे हैं। हालांकि, इन नए उत्पादों की सफलता काफी हद तक उपभोक्ताओं की जागरूकता, सही मूल्य और खुदरा दुकानों में इनकी सहज उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

By Business Bureau