नेपाल में भोटेकोशी नदी के अचानक उफान के कारण आई भीषण बाढ़ ने देश की जलविद्युत व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ से करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन और आपूर्ति क्षमता प्रभावित हुई है, जो देश की लगभग 3.2 गीगावाट की कुल स्थापित जलविद्युत क्षमता का 12 प्रतिशत से अधिक है। बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाओं के उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। तिब्बत सीमा के पास के इलाकों में बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और कम से कम 100 लोगों की मौत तथा सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। घरों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे के बह जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा, जिसके बाद कीचड़, चट्टानों और मलबे ने कई बस्तियों और परियोजना स्थलों को अपनी चपेट में ले लिया। अधिकारियों ने भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लेशियर से जुड़ा हिमस्खलन इस अचानक आई बाढ़ का संभावित कारण हो सकता है। बाढ़ का असर तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी पड़ा, जहां चीन के सरकारी प्रसारक के अनुसार कम से कम तीन लोगों की मौत और 265 लोग लापता हैं। इस आपदा ने हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में बढ़ती चरम मौसम घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन, ग्लेशियर पिघलने और ग्लेशियल झीलों से जुड़ी आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ से नेपाल की 12% से अधिक जलविद्युत क्षमता बाधित
