रेलवे स्टेशन पर दुकान खोलने का तरीका जानें, लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन से लेकर फीस तक पूरी प्रक्रिया

रेलवे स्टेशन पर चाय, बुक और फूड स्टॉल देखकर कई लोगों के मन में अपनी दुकान शुरू करने का ख्याल आता है। अच्छी बात यह है कि आम लोग भी टेंडर प्रक्रिया के जरिए रेलवे स्टेशन पर दुकान खोल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए रेलवे की तय शर्तों और जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है। टेंडर मिलने के बाद ही स्टेशन पर दुकान संचालित करने की अनुमति मिलती है।

भारतीय रेलवे की ओर से IRCTC समय-समय पर फूड स्टॉल, जनरल स्टोर और बुक स्टॉल के लिए टेंडर जारी करता है। इन दुकानों का आवंटन आमतौर पर ओपन टेंडर या ई-ऑक्शन के जरिए किया जाता है। इच्छुक लोग ऑनलाइन E-Procurement System पर उपलब्ध टेंडर की जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा IRCTC पोर्टल और संबंधित जोनल रेलवे की वेबसाइट के Tender या E-Auction सेक्शन से ऑनलाइन ई-टेंडर के लिए आवेदन किया जा सकता है।

टेंडर हासिल करने के बाद IRCTC दुकान चलाने के लिए लाइसेंस जारी करता है। नियमों के अनुसार, फूड प्लाजा का लाइसेंस 9 साल के लिए वैध होता है, जबकि खाने-पीने के स्टॉल और कैटरिंग के लिए लाइसेंस की अवधि 5 साल होती है।

दुकान खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले डिजिटल सिग्नेचर बनवाना होगा। इसके बाद पसंद के स्टेशन का टेंडर खोजकर उसके दस्तावेज डाउनलोड करने होंगे। सिक्योरिटी डिपॉजिट के लिए निर्धारित फीस जमा करने के बाद टेंडर में बोली यानी Bid लगाई जाती है।

आवेदन के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, जीएसटी रजिस्ट्रेशन (यदि लागू हो), फूड लाइसेंस (फूड स्टॉल के लिए) और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

रेलवे स्टेशन पर दुकान खोलने की फीस दुकान के प्रकार और संबंधित टेंडर पर निर्भर करती है। इसके लिए करीब 40 हजार रुपये से 3 लाख रुपये तक लागत आ सकती है।

By sunny