“सभी के लिए बीमा” के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी आईआरडीएआई के अध्यक्ष श्री अजय सेठ ने एक कंज्यूमर अवेयरनेस कॉमिक बुक सीरीज का अनावरण किया है। इसे जीवन बीमा की अवधारणाओं को सरल बनाने और देश भर में बीमा साक्षरता में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के हिस्से के रूप में शुरू की गई यह पहल जीवन बीमा क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाती है ताकि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बीमा को अधिक सुलभ, प्रासंगिक और समझने में आसान बनाया जा सके।
यह कॉमिक श्रृंखला तकनीकी भाषा के बजाय आकर्षक कहानियों के माध्यम से जीवन बीमा की प्रमुख अवधारणाओं जैसे मैरिड वीमेंस प्रॉपर्टी एक्ट, वेवर ऑफ प्रीमियम और क्रिटिकल इलनेस राइडर्स की व्याख्या करती है। एक युवा जीवन बीमा सलाहकार, सुप्रिया की यात्रा के इर्द-गिर्द बनी यह श्रृंखला दिखाती है कि कैसे आज के सोच-समझकर लिए गए वित्तीय निर्णय परिवारों को भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षित करने में मदद कर सकते हैं।
इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी-लाइफ यानी आईएसी-लाइफ के चेयरमैन श्री कमलेश राव ने कहा कि यह पहल घरेलू वित्तीय लचीलेपन को मजबूत करने और जीवन बीमा को वित्तीय योजना के एक आवश्यक तत्व के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने ‘सबसे पहले लाइफ इंश्योरेंस’ अभियान के दूसरे चरण की प्रगति पर भी प्रकाश डाला और उपभोक्ता जुड़ाव के विस्तार के लिए भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव श्री आदित्य गुप्ता ने कहा कि कहानी सुनाना बीमा से जुड़ी बातचीत को सरल बनाने और एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा उपकरण के रूप में जीवन बीमा में जनता के विश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका प्रदान करता है।
इस लॉन्च के दौरान “इंडिया आस्क: व्हाई प्रायोरिटाइज लाइफ इंश्योरेंस?” शीर्षक से एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें कमलेश राव, एलआईसी के प्रबंध निदेशक एम. दोरईस्वामी, पीएनबी मेटलाइफ के एमडी और सीईओ समीर बंसल और इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ ऋषभ गांधी शामिल थे। इसका संचालन वित्तीय पत्रकार सोनिया शेनॉय ने किया। यह चर्चा जागरूकता बढ़ाने और जीवन बीमा समाधानों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित थी।
उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, भारत के जीवन बीमा क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान न्यू बिजनेस प्रीमियम में सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और 2.83 करोड़ से अधिक पॉलिसियां जारी कीं। हालांकि, उद्योग के नेताओं ने उल्लेख किया कि बीमा की पैठ अभी भी आर्थिक विकास से पीछे है, जो जागरूकता, विश्वास निर्माण और वित्तीय साक्षरता में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के तहत 2019 में 25 जीवन बीमा कंपनियों की भागीदारी के साथ स्थापित इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी-लाइफ, भारत के जीवन बीमा सुरक्षा अंतर को पाटने के लिए देशव्यापी अभियानों का नेतृत्व करना जारी रखे हुए है, जो कुल मिलाकर 87 प्रतिशत बना हुआ है और 18 से 35 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में 90 प्रतिशत से अधिक है।
