बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने दो भाइयों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर ‘याबा’ (मेथामफेटामाइन-बेस्ड ड्रग) ले रहे थे, तभी परिवार ने उन्हें देख लिया; इसके बाद परिवार के चारों सदस्यों की हत्या कर दी गई। पुलिस हत्याओं के पीछे की असली वजह और किसी बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय रिटायर्ड टीचर गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, उनकी 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि और उनके 12 वर्षीय बेटे प्रियम के तौर पर हुई है। उनके शव 22 अगस्त की रात दासपाड़ा इलाके में उनके घर से बरामद किए गए थे। यह परिवार करीब चार साल से उस इलाके में रह रहा था और उन्होंने वहां एक नया घर बनाया था। पुलिस ने इस मामले में मुग्धो दास और 19 वर्षीय सिद्धार्थ दास को हिरासत में लिया है। दोनों भाई हैं और पूछताछ के दौरान उन्होंने हत्याओं में शामिल होने की बात कबूल की है। शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी बगल की इमारत से गणपति के घर की छत पर पहुंचे थे और वहां याबा ले रहे थे। गणपति ने छत से कुछ आवाज़ सुनी, ऊपर गए और युवकों से पूछा कि वे वहां क्यों हैं। इस डर से कि गणपति उन्हें पहचान सकते हैं, आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता सीढ़ियों की ओर भागीं, और आरोपियों ने उनकी भी हत्या कर दी। परिवार की बेटी आगामी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी गई। शायद इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्याओं के तुरंत बाद आरोपी वहां से भागे नहीं; पुलिस के मुताबिक, वे कई घंटों तक घर के अंदर ही छिपे रहे। जांच में पता चला कि इस दौरान आरोपियों ने खाना खाया और घर में मौजूद कई चीज़ों का इस्तेमाल किया। पुलिस का दावा है कि उन्होंने नहाया और फिर से ड्रग्स का सेवन किया। इसके बाद, घर की बिजली काट दी गई और सामान को इस तरह बिखेर दिया गया ताकि घटना डकैती जैसी लगे।
बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या
