22
Jul
कोरोना की तीसरी लहर अब तक खारिज़ नहीं हुई है। बड़ी आबादी में वायरस का एक्सपोजर हुआ नहीं है तो खतरा बरकरार है। ऐसे में अब ज्यादा जोर जीनोम सीक्वेंसिंग पर है ताकि वायरस के आकार व्यवहार और प्रकार यानी उनके वेरिएंट की जानकारी ठीक ठीक हाथ लगे। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्र ने दी है। देश की दो तिहाई आबादी में एंटीबॉडी पाई गई है लेकिन एक तिहाई पर अब भी ख़तरा बरकरार है। दूसरी लहर के पीछे डेल्टा वेरिएंट की भूमिका थी। अब तीसरी लहर को लेकर नज़र वायरस के म्यूटेशन और उससे बनने वाले नए वेरिएंट…
