06
Jul
यशोदा हॉस्पिटल्स, सोमाजीगुड़ा के ऑर्थोपेडिक स्पाइन सर्जरी विभाग ने पश्चिम बंगाल की एक 18 वर्षीय मरीज के घुटने की एक जटिल प्रिजर्वेशन सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह मरीज ट्रोकलियर डिस्प्लेजिया के कारण बाएं घुटने की बार-बार होने वाली अस्थिरता से पीड़ित थी। ट्रोकलियर डिस्प्लेजिया घुटने की एक जन्मजात शारीरिक असामान्यता है, जिससे अक्सर घुटने की कटोरी (नीकैप) बार-बार अपनी जगह से खिसक जाती है। एक बार फिसल कर गिर जाने की चोट के बाद से मरीज को घुटने में लगातार दर्द और अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उसकी गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता काफी प्रभावित…
