04
Apr
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी अनमोल पूंजी है, जिसके बल पर देश की युवा शक्ति हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और भारत का नाम रोशन कर रही है। प्रधानमंत्री ने आज एक्स में एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, “श्रियः प्रदुग्धे विपदो रुणद्धि यशांसि सूते मलिनं प्रमार्ष्टि। संस्कारशौचेन परं पुनीते शुद्धा हि बुद्धिः किल कामधेनुः॥” इस सुभाषित का अर्थ है शुद्ध और संस्कारित बुद्धि मनुष्य के लिए…
