असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को धुबरी जिले के चापर में अदाणी पावर लिमिटेड के 3,200 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। करीब ₹48,000 करोड़ के निवेश वाला यह प्रोजेक्ट असम के इतिहास का सबसे बड़ा एकल औद्योगिक निवेश बताया गया है। परियोजना से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने और बाहर से बिजली खरीदने पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। निर्माण चरण के दौरान करीब 25,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद लगभग 5,000 स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना असम को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्तमान में असम में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 3,026 मेगावाट है, जबकि राज्य के भीतर उत्पादन करीब 400 मेगावाट है। वर्ष 2030 तक मांग बढ़कर 5,500 मेगावाट पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने की अतिरिक्त बिजली परियोजनाओं की आवश्यकता होगी। चापर परियोजना में दिसंबर 2030 से चरणबद्ध तरीके से उत्पादन शुरू होने की योजना है। पहले चरण में 800 मेगावाट, 2031 में 1,600 मेगावाट और दिसंबर 2032 तक परियोजना की पूरी 3,200 मेगावाट क्षमता चालू करने का लक्ष्य है।
असम में अदाणी पावर के ₹48,000 करोड़ के प्रोजेक्ट की शुरुआत
