पश्चिम बंगाल के प्रमुख समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों दीघा, ताजपुर और मंदारमणि में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाने का निर्णय लिया है। समुद्र तटों पर निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटकों की भीड़ बढ़ने पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। समुद्र में नहाने के दौरान लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष मंदारमणि के समुद्र तट पर डूबने से दस लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटक कई बार प्रतिबंधों और चेतावनियों की अनदेखी कर समुद्र में स्नान करने उतर जाते हैं। इसके कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। दीघा के साथ मंदारमणि में भी पूरे वर्ष पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। सप्ताहांत में समुद्र तटों पर भीड़ रहती है, जबकि विशेष छुट्टियों के दिनों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
दिसंबर का महीना नजदीक है। इस दौरान पर्यटन का मुख्य मौसम शुरू हो जाता है। छुट्टियां बिताने आने वाले पर्यटकों के अलावा बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने के लिए भी समुद्र तट के विभिन्न हिस्सों में पहुंचते हैं। ऐसे में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
दीघा से मंदारमणि तक समुद्र तटों पर निगरानी के लिए बचावकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। वर्तमान में दीघा-शंकरपुर, ताजपुर और मंदारमणि के समुद्र तटों पर कुल 110 बचावकर्मी तैनात हैं। इनमें 14 बचावकर्मी मंदारमणि में कार्यरत हैं। हालांकि, बचावकर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने के बावजूद लगभग 18 किलोमीटर लंबे समुद्र तट पर हर जगह निगरानी रखना पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय होटल मालिक संगठनों ने भी इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
इसी को देखते हुए समुद्र तट के अलग-अलग हिस्सों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्यटकों की भीड़ बढ़ने पर ड्रोन से निगरानी करने का निर्णय लिया गया है।
दीघा-शंकरपुर विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक अशोक धूमल ने कहा कि दीघा और मंदारमणि आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि, इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क एवं जागरूक रहना होगा।
पुलिस उपाधीक्षक (डी एंड टी) मोहित मोल्ला ने बताया कि दुर्गापूजा के समय से ही जिला प्रशासन के निर्देश पर समुद्र तटों पर बचावकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। जिन स्थानों पर समुद्र में स्नान करना सुरक्षित नहीं है, वहां बांस लगाकर उन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा पर्यटकों को सतर्क करने के लिए जागरूकता संबंधी सूचना पट्ट भी लगाए गए हैं। समुद्र तट के विभिन्न हिस्सों में पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और अब नए कैमरे भी लगाए जाएंगे।
एक बचावकर्मी ने बताया कि कुछ पर्यटक लापरवाही बरतते हैं और बार-बार चेतावनी देने के बावजूद समुद्र में उतर जाते हैं। उन्हें रोकने या सतर्क करने पर कई बार वे दुर्व्यवहार भी करते हैं। ऐसे व्यवहार के कारण दुर्घटनाओं को रोकने में कठिनाई होती है।
दीघा, ताजपुर और मंदारमणि के समुद्र तटों पर बढ़ेगी सुरक्षा
