मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा पर रेलवे की एनओसी का ग्रहण, फंसी 50 बसें

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रानिक बसों के परिचालन शुरू होने में रेलवे रोड़ा बन गया है। इमलीचट्टी स्थित डिपो में चार्जिंग स्टेशन काफी पहले बन कर तैयार है। लेकिन, चार्जिंग स्टेशन तक बिजली नहीं पहुंची है। इसकी वजह से इलेक्ट्रानिक बसों के परिचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे पटरियों व रेलवे फाटक की वजह से चार्जिंग स्टेशन तक बिजली नहीं पहुंच रही है। चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक के ऊपर से या नीचे से केबल ले जानी है।
इसके लिए रेलवे से एनओसी लेना अनिवार्य है। निगम ने इस संबंध में रेलवे प्रशासन को पत्र लिखा, मगर अब तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब नहीं मिल सका। रेलवे की एनओसी के बिना बिजली चार्जिंग स्टेशन तक नहीं पहु्ंच सकता। पीएम ई-बस सेवा के तहत मुजफ्फरपुर से करीब 50 बसों का परिचालन कई जिलों के लिए होना है। बसो के चार्ज करने के लिए डीपो में चार्जिंग स्टेशन बनाए गए है। चार्जिंग स्टेशन शुरू नहीं होने की वजह से मुख्यालय की ओर से इलेक्ट्रानिक बसों का आवंटन नहीं हो रहा है। मुजफ्फरपुर के साथ-साथ पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में भी डिपो बन रहे हैं। बसों का परिचालन शुरू होने से कई रुटों पर बसों की संख्या बढ़ जाती। इससे यात्रियों को सुविधा होती। जानकारी के अनुसार निगम ने रुट एवं संख्या भी तय की ली, मगर बिजली कनेक्शन नहीं होने एवं बसों के आवंटन नहीं होने से परिचालन शुरू नहीं हो सका।

By Paromita